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कुल 32 योजनाएँ हिंदी में उपलब्ध हैं

कृषि के विविधीकरण के माध्यम से एकीकृत बागवानी विकास कार्यक्रम
Puducherry
इस योजना के माध्यम से, किसानों को नारियल ताड़ के लिए जैविक खाद, कृषि उद्देश्यों के लिए उपकरण और उपकरण, मिट्टी के बर्तन या सीमेंट के बर्तन, पादप संरक्षण रसायन, सिंचाई उद्देश्यों के लिए मोटर पंपसेट, बायोगैस इकाई, रोपण सामग्री आदि के लिए डीबीटी मोड के माध्यम से सब्सिडी प्रदान की जाती है।
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बागवानी के लिए एकीकृत विकास योजना (एचआरटी-2)
Gujarat
"बागवानी के लिए एकीकृत विकास योजना (एचआरटी-2)" का उद्देश्य पूरे गुजरात में किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और बुनियादी ढांचे की सहायता के लिए वित्तीय सहायता के माध्यम से समग्र बागवानी विकास को बढ़ावा देना है।
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बागवानी उप योजना के एकीकृत विकास के लिए मिशन पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्र के लिए बागवानी मिशन-मेघालय
Meghalaya
यह योजना मेघालय सरकार के कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से बढ़ावा देने, विस्तार, फसल कटाई के बाद के प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन के लिए लागू की गई है।
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मेघालय कृषि भंडारगृह योजना
Meghalaya
यह योजना फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करती है और फसलों के सुरक्षित भंडारण और बेहतर विपणन के लिए छोटे, मौसम प्रतिरोधी गोदामों के निर्माण के लिए ऋण और सब्सिडी प्रदान करके किसानों का समर्थन करती है।
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कृषि भंडारण संरचना योजना
Gujarat
यह योजना कृषि, किसान कल्याण और सहयोग विभाग, गुजरात द्वारा शुरू की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपनी कटाई की गई फसलों को नुकसान से बचाने और इष्टतम कीमतों पर बेचकर बेहतर वित्तीय लाभ के लिए उन्हें सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने में मदद करना है।
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मुख्यमंत्री अकीक्रित बगवानी विकास योजना
Uttarakhand
इस योजना का उद्देश्य किसानों को सब्सिडी वाले फलों के पौधे, बीज, कीटनाशक और कूल हाउस और रेफ्रिजरेटर वैन जैसे बागवानी बुनियादी ढांचे प्रदान करके उत्तराखंड में बागवानी विकास को बढ़ावा देना है, जिससे उत्पादकता में वृद्धि होती है, फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम किया जाता है और किसानों की आय में वृद्धि होती है।
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फसल कटाई के बाद के प्रबंधन (मूल्यवर्धन) के लिए किसानों को बढ़ावा देना
Gujarat
यह योजना कृषि, किसान कल्याण और सहयोग विभाग, गुजरात द्वारा शुरू की गई है। इसका उद्देश्य फसल कटाई के बाद की तकनीक और प्रबंधन अवधारणाओं का उपयोग करके फसल मूल्यवर्धन इकाइयों की स्थापना में किसानों का समर्थन करना है।
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अनुसूचित जनजातियों के लिए फसल कटाई उपकरण सहायता (एचआरटी-3)
Gujarat
इस योजना के तहत अनुसूचित जनजाति श्रेणी के किसानों के साथ-साथ एफ. पी. ओ. (किसान उत्पादक संगठन), एफ. पी. सी. (किसान उत्पादक कंपनियां), एफ. आई. जी. (किसान हित समूह), एस. एच. जी. (स्वयं सहायता समूह) और सहकारी समितियों को फसल कटाई के उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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सामान्य श्रेणी के लिए फसल कटाई उपकरण सहायता (एचआरटी-2)
Gujarat
इस योजना के तहत सामान्य श्रेणी के किसानों के साथ-साथ एफ. पी. ओ. (किसान उत्पादक संगठन), एफ. पी. सी. (किसान उत्पादक कंपनियां), एफ. आई. जी. (किसान हित समूह), एस. एच. जी. (स्वयं सहायता समूह) और सहकारी समितियों को फसल कटाई के उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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अनुसूचित जातियों के लिए फसल कटाई उपकरण सहायता (एचआरटी-4)
Gujarat
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति श्रेणी के किसानों के साथ-साथ एफ. पी. ओ. (किसान उत्पादक संगठन), एफ. पी. सी. (किसान उत्पादक कंपनियां), एफ. आई. जी. (किसान हित समूह), एस. एच. जी. (स्वयं सहायता समूह) और सहकारी समितियों को फसल कटाई के उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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